पटना : बिहार में नई सरकार के गठन के एक महीने बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में कैबिनेट द्वारा गठित तीन नए विभागों का औपचारिक बंटवारा कर दिया गया है। शिक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखते हुए मंत्रियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शुक्रवार को जारी अधिसूचना के साथ यह स्पष्ट हो गया कि किस मंत्री के पास अब कौन सा प्रभार रहेगा।
मंत्रिमंडल सचिवालय के आदेश के अनुसार शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की जिम्मेदारियां बढ़ा दी गई हैं। उन्हें नवगठित उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अब स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों से जुड़े फैसले भी उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में होंगे। इससे शिक्षा से जुड़े निर्णयों में तेजी आने की उम्मीद है।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से गठित ‘युवा रोजगार-कौशल विकास विभाग’ की जिम्मेदारी श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर को दी गई है। श्रम और कौशल विकास विभाग के एक साथ होने से रोजगार सृजन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की संभावना जताई जा रही है।
विभागीय ढांचे में भी अहम बदलाव किए गए हैं। पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा युवा विभाग संभाल रहे मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के दायित्वों में परिवर्तन किया गया है। सरकार ने ‘युवा’ विभाग को कला-संस्कृति से अलग कर इसे रोजगार-कौशल विकास विभाग में शामिल कर दिया है, ताकि युवाओं से जुड़ी नीतियों को सीधे रोजगार और करियर से जोड़ा जा सके।
वहीं, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता को नवगठित डेयरी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे पशुपालन और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है।
इस पूरे विभागीय बंटवारे में सबसे अहम फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद को लेकर किया है। राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बनाए गए नए ‘नागरिक उड्डयन विभाग’ की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने अपने पास रखी है। इससे संकेत मिलता है कि नए हवाई अड्डों के निर्माण और हवाई सेवाओं के विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स पर मुख्यमंत्री स्वयं सीधी निगरानी रखेंगे।